IQNA

15:14 - July 30, 2025
समाचार आईडी: 3483951
गाज़ा में मानवीय त्रासदी के बीच

ईरानी क़ारियों (कुरान पाठकों) का मिस्र के क़ारियों के नाम पत्र 

IQNA-गाजा में हो रही मानवीय त्रासदी के मद्देनज़र, ईरान के कई प्रसिद्ध क़ारियों और उस्तादों (शिक्षकों) ने मिस्र के क़ारियों के नाम एक खुला पत्र लिखा है। 

ईरानी क़ारियों (कुरान पाठकों) का मिस्र के क़ारियों के नाम पत्र 

इक़ना की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कई कुरान शिक्षकों और पाठकों ने गाजा में हो रहे अत्याचारों के विरोध में मिस्र के क़ारियों को यह पत्र लिखकर, ज़ायोनी शासन (इज़राइल) के अपराधों के खिलाफ उचित प्रतिक्रिया की मांग की है। 

पत्र का मूल पाठ इस प्रकार है: 

*بسم الله الرحمن الرحیم* 

«ان هدا القرآن یهدی للتی هی اقوم )

"निस्संदेह यह कुरान सबसे सही मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।" (सूरा अल-इसरा: 9) 

हम, ईरान के कुरान पाठकों का समुदाय, यह पत्र इस्लामी उम्माह (समुदाय) के प्रति पीड़ा और चिंता से लिख रहे हैं। यह वही साझा दर्द है जो आज हर आज़ाद और ईमानदार इंसान के दिल को छलनी कर रहा है। 

गाजा आज इस्लामी उम्माह का सबसे ज़ख़्मी हिस्सा है, जो घेराबंदी और युद्ध के बीच दम तोड़ रहा है। 

बेसहारा बच्चे, भूखी महिलाएँ, बिना दवा और सहारे के घायल... यही आज गाजा की तस्वीर है। 

आज समय आ गया है कि कुरान की आवाज़ सिर्फ़ हमारी आवाज़ से नहीं, बल्कि हमारे रुख से भी सुनी जाए।

و ما لکم لاتقاتلون فی سبیل الله و المستضعفین من الرجال و النساء و الولدان»(

"तुम्हें क्या हुआ है कि तुम अल्लाह के मार्ग में और कमज़ोर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मुक्ति के लिए नहीं लड़ते?" (सूरा अन-निसा: 75) 

इस संकट में, राफाह मार्ग (गाजा-मिस्र सीमा) को खोलना एक महत्वपूर्ण रास्ता है। यह मार्ग बंद होने के कारण गाजा के लोग सांस तक नहीं ले पा रहे। अगर यह रास्ता खुल जाए, तो न सिर्फ़ खाना और दवा, बल्कि उम्मीद भी गाजा में प्रवेश करेगी। 

हम जानते हैं कि मिस्र के आदरणीय कुरान पाठकों का धार्मिक संस्थानों, जनमत और यहाँ तक कि नीति-निर्माण में विशेष स्थान है। 

आइए, इस बार कुरान की आवाज़ को सिर्फ़ सुरों में नहीं, बल्कि मज़लूमों के साथ खड़े होकर और कार्रवाई करके दुनिया तक पहुँचाएँ। 

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